प्रश्न
21
:
निर्वाचक
रजिस्ट्रीकरण
अधिकारी
की
नियुक्ति
कौन
करता है?
उत्तर : लोक
प्रतिनिधित्व
अधिनियम,
1950 की
धारा 13 ख के अधीन
भारत
निर्वाचन
आयोग
राज्य/संघ
राज्य
क्षेत्र
की
सरकार
के
परामर्श
से सरकार
अथवा
स्थानीय
प्राधिकरण
के किसी
अधिकारी
को
निर्वाचक
रजिस्ट्रीकरण
अधिकारी
के रूप में
पदाभिहित
या
नामनिर्दिष्ट
करता
है। इसके
अतिरिक्त
भारत
निर्वाचन
आयोग
निर्वाचक
रजिस्ट्रीकरण
अधिकारी
की
निर्वाचक
नामावलियों
की
तैयारी/पुनरीक्षण
के
कार्यों
में
सहायता
देने के
लिए एक या
अधिक
सहायक
निर्वाचक
रजिस्ट्रीकरण
अधिकारी
नियुक्त
करता
है।
प्रश्न
22
:
प्रत्येक
निर्वाचन
क्षेत्र
के लिए
मतदाताओं
की एक
सूची होती है, जिसे
निर्वाचक
नामावली
कहते
हैं।
निर्वाचक
नामावली
में नाम दर्ज
करवाने के लिए
न्यूनतम आयु
क्या है?
उत्तर :
अठारह
वर्ष।
प्रत्येक
निर्वाचन
क्षेत्र
के लिए एक
मतदाता
सूची
होती
है।
संविधान
के
अनुच्छेद
326 और
लोक
प्रतिनिधित्व
अधिनियम,
1950 की
धारा 19 के अनुसार
मतदाता
के रजिस्ट्रीकरण
के लिए
न्यूनतम
आयु 18 वर्ष है।
प्रश्न
23
: क्या
भारत
में
मतदान
की
न्यूनतम
आयु 18
वर्ष
प्रारम्भ
से
ही
थी?
उत्तर
: नहीं।
पहले
मतदाता
के
रजिस्ट्रीकरण
के लिए आयु 21 वर्ष
थी।
संविधान
( इकसंठवे
संशोधन) अधिनियम
1988
की
धारा 2, जो
कि
अधिनियम
21 की
धारा 4, जिसके
द्वारा लोक
प्रतिनिधित्व
अधिनियम,
1950 में
संशोधित
किया
गया है, के साथ
पठित
है,
द्वारा
मतदाता
के पंजीकरण की
न्यूनतम
आयु को 18 वर्ष
किया गया है।
यह 28 मार्च,
1989 से लागू
किया
गया है।
प्रश्न
24
: 18 वर्ष
की आयु
की
योग्यता
को
निश्चित
करने के
लिए प्रासंगिक
तारीख
कौन सी
है?
मान
लीजिए
आपने 18
वर्ष
की आयु
आज पूरी
की है।
क्या आप
स्वयं
को
मतदाता
के रूप
में
दर्ज करा
सकते
है?
उत्तर
: लोक
प्रतिनिधित्व
अधिनियम,
1950 की धारा 14
(ख)
के
अनुसार
जिस
वर्ष
मतदाता
सूची
संशोधित/
पुनरीक्षित
की जाती
है,
उस वर्ष
के जनवरी
माह की
पहली
तारीख वह
प्रांसगिक
तारीख
अर्थात
अर्हता
तारीख है जिसको
भावी मतदाता
की आयु 18
वर्ष की
होनी
चाहिए।
प्रश्न
25
:
मतदाता बनने
की आयु 21
वर्ष से 18
वर्ष कब
की गई?
उत्तर
: वर्ष
1989, में
मतदाता
बनने के
लिए आयु 21
वर्ष से 18
वर्ष की
गई ।
पूर्ण
विवरण
प्रश्न -23
के
उत्तर
मे दिया
गया है।
प्रश्न
26
: क्या
ऐसा
व्यक्ति
जो भारत
का
नागरिक
नहीं है,
मतदाता
बन सकता है?
उत्तर
:
नहीं। कोई
व्यक्ति,
जो
भारत का
नागरिक
नहीं है, मतदाता
के रूप
में
रजिस्ट्रीकृत
नहीं हो
सकता।
लोक
प्रतिनिधित्व
अधिनियम,
1950 की धारा 16
के
साथ
पठित
संविधान
का
अनुच्छेद
326 इस
प्रश्न का
स्पष्टीकरण
करता
है।
प्रश्न
27
: क्या
एक
अनिवासी
भारतीय
नागरिक
मतदाता
बन सकता
है?
उत्तर : लोक
प्रतिनिधित्व
अधिनियम,
1950 की
धारा 19 के अनुसार
कोई
व्यक्ति
जो किसी
निर्वाचन
क्षेत्र
का
मामूली
तौर पर
निवासी
है उस निर्वाचन
क्षेत्र
की
निर्वाचक
नामावली
में
रजिस्ट्रीकृत
होने का
हकदार
होगा।
तो भी ऐसे
अनिवासी
भारतीय
नागरिक
जो भारत
सरकार
के अधीन
किसी पद
पर भारत
के बाहर
नियुक्त हैं, लोक
प्रतिनिधित्व
अधिनियम, 1950 की धारा 20(3)
के
साथ
पठित
धारा 20(8)(घ) के अनुसार
मतदाता
के रूप
में
रजिस्ट्रीकृत
होने के
पात्र
हैं।
प्रश्न
28
:
यदि
में शिमला
में
कार्य
कर रहा
हूँ और
रह रहा
हूँ तो क्या मैं
अपने
मूल
गाँव
में
मतदाता
बन सकता
हूँ?
उत्तर : नहीं। यदि आप
शिमला
में
कार्य
कर रहे
हैं और
वहीं रह
रहे हैं
तो आप
धारा 19 (ख) के
अनुसार
शिमला
के
मामूली
तौर पर
निवासी हैं।
इसलिए
आप केवल शिमला
की
निर्वाचक
नामावली
में नाम
दर्ज
करवा
सकते
हैं-अपने
मूल गांव में
नहीं।
प्रश्न
29
:
क्या
कोई
अपना
नाम एक
से अधिक
स्थानों
पर
निर्वाचक
नामावली में
दर्ज
करवा सकता है?
उत्तर
: नहीं।
लोक
प्रतिनिधित्व
अधिनियम,
1950 की
धारा
17 और 18
के
प्रावधानों
के
अनुसार
कोई
व्यक्ति
उसी
निर्वाचन-क्षेत्र
में एक
से
अधिक
स्थानों
में
अथवा एक
से अधिक
निर्वाचन-क्षेत्र
में
रजिस्ट्रीकृत
नहीं हो
सकता।
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